सपनों को पलने और हौसलों को उड़ने के लिए
किसी महल और सहारे की ज़रूरत कहां होती है
दिल जो ठान ले तो हिम्मत और जुनून से
आसमां की उड़ानें तय होती हैं
ज़िंदगी के बादशाह गलीचों से नहीं
धूप और तूफ़ानी राहों पर चलकर ही
सिंहासन पर विराजमान होते हैं !
गर कर सको तो एक काम करना
कभी किसी से उसकी उम्मीदें और सपने मत छीनना,
बाकी ऐशोआराम की कर्मवीर को कोई दरकार नहीं होती !

मनीषा
सपनों को पलने और हौसलों को उड़ने के लिए किसी महल और सहारे की ज़रूरत कहां होती है दिल जो ठान ले तो हिम्मत और जुनून से आसमां की उड़ानें तय होती हैं ज़िंदगी के बादशाह गलीचों से नहीं धूप और तूफ़ानी राहों पर चलकर ही सिंहासन पर विराजमान होते हैं ! गर कर सको तो एक काम करना कभी किसी से उसकी उम्मीदें और सपने मत छीनना, बाकी ऐशोआराम की कर्मवीर को कोई दरकार नहीं होती ! मनीषा
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